बदलते मौसम में बिगड़ रही लोगों की सेहत
सर्दी खांसी, जुकाम, वायरल फीवर, डायरिया के बढ़े मरीज
जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में बढ़ी मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या

धमतरी। बारिश का मौसम अब अपने अंतिम दौर में है। ऐसे में मौसम में बदलाव भी लाजिमी है। लेकिन यह बदलाव लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। पिछले पखवाड़े भर से मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। नतीजन शासकीय व निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
ज्ञात हो कि सितम्बर माह की शुरुवात से ही तापमान में उतार चढ़ाव बना हुआ है। दिन में उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहते है तो सुबह और देर रात हल्की ठंड का अहसास होता है। इसी बीच थोड़ी-थोड़ी बारिश से तापमान में अचानक ज्यादा बदलाव आ जाता है। कभी तेज बारिश कभी ठंडी हवायें चलती है। कभी चंद मिनटो की बारिश के बाद तेज धूप खिल जाती है। जिससे उमस बढ़ जाती है। मौसम में हो रहे बदलाव से लोगों का स्वस्थ्य खराब हो रहा है। विशेष कर छोटे बच्चों को ज्यादा परेशानी हो रही है। लोग मौसमी बीमारियों से बचने घरेलु उपचार के साथ तरह-तरह के जतन भी कर रहे है। जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालो में भी मौसमी बीमारियों से पीडि़त मरीजो की संख्या बढ़ी है। विशेषकर सर्दी जुकाम खांसी, वायरल फीवर व डायरिया जैसे बीमारियों से लोग ग्रसित हो रहे है।
खानपान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता
चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बदलाव व तापमान में उतार चढ़ाव के दौरान शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है। इससे शरीर बीमारियों से ग्रसित हो जाता है। ऐसे में मौसम के अनुसार सही डाईट लेना आवश्यक है। विशेषकर बाहर की खाद्य सामाग्रियों से बचने सलाह चिकित्सक दे रहे है। वहीं घर के ताजा गर्म खाना के साथ फल सब्जी व गर्म पानी लेने की हिदायत दी जा रही है।

