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अधिकमास में भक्ति और उत्सव का संगम, श्री गोवर्धन नाथ जी हवेली में मनाया गया विवाहोत्सव

धमतरी। सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र माने जाने वाले अधिकमास के अवसर पर गुजराती कॉलोनी स्थित श्री गोवर्धन नाथ जी हवेली में विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सवों की भव्य श्रृंखला आयोजित की जा रही है। पूरे माह मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर है और प्रतिदिन विभिन्न मनोरथों एवं उत्सवों का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में 1 जून को श्री गोवर्धन नाथ जी के विवाह खेल उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। संध्या बेला में श्री लालन को आकर्षक पालकी में विराजमान कर बारात निकाली गई। इस दौरान बड़ी संख्या में वैष्णवजन एवं श्रद्धालु बाराती स्वरूप में शामिल हुए और ठाकुर जी के दिव्य विवाहोत्सव का आनंद लिया।
मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था तथा श्री गोवर्धन नाथ जी के समक्ष बारात के अनुरूप भव्य साज-सज्जा की गई। भक्तगण ठाकुर जी के मनोहारी स्वरूप और विवाह लीला के दर्शन कर भाव-विभोर हो उठे। इस विशेष मनोरथ के मुख्य मनोरथी श्री प्रदीपभाई मिरानी रहे। संध्या दर्शन का समय शाम 7 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक रखा गया, जिसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी की व्यवस्था भी की गई।

*अधिकमास का धार्मिक महत्व*

वैदिक पंचांग के अनुसार लगभग प्रत्येक तीन वर्ष में आने वाला अधिकमास भगवान श्री विष्णु को समर्पित माना जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस माह में जप, तप, दान, भक्ति, सत्संग और सेवा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि अधिकमास में किए गए धार्मिक कार्यों का पुण्य कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। इसी कारण वैष्णव परंपरा में इस माह को उत्सव, सेवा और भक्ति का विशेष अवसर माना जाता है।

*आगामी उत्सवों की श्रृंखला*

हवेली में आगामी दिनों में भी अनेक आकर्षक एवं आध्यात्मिक मनोरथ आयोजित किए जाएंगे। इनमें कुसुम सरोवर में होली खेल, खस खाना, पुष्प वितान मनोरथ, पुष्टि दर्शन, चंदन छाप मनोरथ, भव्य श्री गिरिराजजी परिक्रमा, रमणरेती लीला, कठोण की सांझी, फूल फाग रसिया, शीतल सदन, श्री महाप्रभुजी प्राकट्य उत्सव, चुंदड़ी मनोरथ तथा लोटी उत्सव जैसे विशेष कार्यक्रम शामिल हैं।
हवेली के अध्यक्ष तरुणभाई अंबानी, नितिनभाई भरतभाई, प्रदीपभाई मिरानी सहित समस्त ट्रस्टीगण, वैष्णव परिवार एवं भक्तजन इन आयोजनों को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभा रहे हैं। आयोजकों ने अधिकाधिक श्रद्धालुओं से इन दिव्य उत्सवों में शामिल होकर ठाकुर जी की कृपा प्राप्त करने का आग्रह किया है।

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