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सार्थक स्कूल का 22वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ संपन्न

मानसिक दिव्यांग बच्चों के प्रशिक्षण एवं सेवा केंद्र सार्थक स्कूल का 22वाँ स्थापना दिवस 20 मार्च को अत्यंत हर्ष, उत्साह एवं भावनात्मक वातावरण में मनाया गया। इस विशेष अवसर पर बच्चों की प्रगति, उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति और विद्यालय के प्रति उनके स्नेह ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संरक्षक मदनमोहन खण्डेलवाल, अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी एवं सचिव स्नेहा राठौड़ द्वारा माँ सरस्वती के पूजन से हुआ। तत्पश्चात बच्चों एवं प्रशिक्षकों ने मिलकर 22 दीप प्रज्ज्वलित कर संस्था की निरंतर उन्नति और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दीपों की रोशनी ने वातावरण को श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बच्चों की भावनात्मक एवं रचनात्मक प्रस्तुति रही। बच्चों ने सार्थक रूपी पेड़ का सुंदर चित्र बनाकर हार्ट शेप के कागजों पर अपनी भावनाएं लिखीं.इस अवसर पर बच्चों की वर्षभर की प्रगति भी स्पष्ट रूप से देखने को मिली। उनके आत्मविश्वास, सीखने की क्षमता और गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि सार्थक स्कूल उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है।डॉ. सरिता दोशी एवं स्नेहा राठौड़ ने प्रशिक्षकों के समर्पण एवं प्रयासों की भरपूर सराहना की।संक्षिप्त आशीर्वचन में मदनमोहन खण्डेलवाल ने कहा कि सार्थक स्कूल विशेष बच्चों के जीवन को संवारने का एक पावन प्रयास है, जहां उन्हें नई दिशा और आत्मविश्वास मिलता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर केक काटा, एक-दूसरे को खिलाया और नृत्य के माध्यम से अपनी खुशी साझा की। इस अवसर पर प्रशिक्षक मैथिली गोड़े, देविका दीवान, कौशिल्या यादव, काजल रजक, सुनैना गोड़े, सविता शेख, शकुंतला सोनी एवं प्रेमबती साहू की सक्रिय उपस्थिति रही।

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